गुणवत्ता परक और प्रोद्योगिकी युक्त शिक्षा: आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उत्प्रेरक

आज के कठिन दौर में हमारे समक्ष नवीन पाठ्यक्रम सृजित करने और शिक्षाविदों को प्रौद्योगिकी अपनाने हेतु प्रेरित करना एक बड़ी चुन्नौती है। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि अत्यंत कुशल रणनीति का सृजन कर हमारे संस्थान विषम परिस्थितयों में जहाँ निर्बाध रूप से शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन कर रहें है वहीं सबका आत्मविश्वास और मनोबल बनाये रखकर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।

संपूर्ण विश्व में कोरोना वायरस महामारी की वजह से सामाजिक स्वास्थ्य के लिए आपातकाल एवं अनिश्चितता का वातावरण बना है। दुनिया के लगभग 210 देशों में कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण की वजह से मानव जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पूरा विश्व कोरोना के दुष्चक्र से निकलने के लिए असाधारण कदमों और उपायों की जरूरत मह्सूस कर रहा है। दुर्भाग्य से विश्व की एक तिहाई से अधिक लोग लॉकडाउन की वजह से अपने घरों पर बैठने में मजबूर हैं। त्रासदी का आलम यह है कि बड़े एवं अत्याधुनिक अस्पतालों तथा उत्कृष्ट सामाजिक सुरक्षा वाले समृद्धतम राष्ट्र आज कोविड-19 की पीड़ा से सबसे ज्यादा मजबूर एवं परास्त दिखाई दे रहे हैं।


सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह मुश्किल, यह व्यवधान एक आकस्मिक व्यवधान के रूप में आया। चाहे हमारे विद्यार्थी हो, अध्यापक गण हो या फिर हमारे अभिभावक हो कोई भी इसके लिए तैयार नहीं था। भौतिक संसाधनो के दृष्टि से, और प्रशिक्षित मानव सम्पदा की दृष्टि से भी हम पूरी तरह से तैयार नहीं थे। आज के कठिन दौर में हमारे समक्ष नवीन पाठ्यक्रम सृजित करने और शिक्षाविदों को प्रौद्योगिकी अपनाने हेतु प्रेरित करना एक बड़ी चुन्नौती है। कोविड-19 का यह संकट इस चुनौतीपूर्ण समय में सामाजिक बंधन मजबूत करने और दूसरों की मदद करने के लिए शानदार अवसर प्रदान करता है। यह अत्यंत संतोषजनक बात है कि प्रधानम्नत्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में संपूर्ण शिक्षा जगत "हम एक साथ हैं" की भावना से शिक्षा जगत के सभी हितधारकों को जोड़ने और बेहतर सामंजस्य बनाने में सफल हुआ है। परन्तु संकट की इस घड़ी में हमारे शिक्षा जगत से जुड़े हर शख्स ने जिस समर्पण, धैर्य,कड़े परिश्रम,दूरदर्शिता का परिचय दिया है वह प्रशंसनीय है। हमारे संस्थान बंद है पर हमारे योद्धा दिन-रात जुटे हैं। अत्यंत कुशल रणनीति का सृजन कर हमारे संस्थान विषम परिस्थितयों में जहाँ निर्बाध रूप से शैक्षणिक गतिविधियों को निर्बाध चला रहें है वहीं सबका आत्मविश्वास और मनोबल बनाये रखकर उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं।


मुझे लगता है कि इस संकट का सबसे महत्वपूर्ण और बड़ा सबक यह है कि हमें मानव सम्पदा को प्राथमिकता देने की तत्काल आवश्यकता है। शैक्षिक क्षेत्र में व्यापक सुधार लाते हुए अंतर क्षेत्रों पर ऊर्जा केंद्रित करने, शिक्षा को अधिक समावेशी, एकीकृत प्रौद्योगिकी युक्त बनाने, नए निवेश जुटाने एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षा क्षेत्र में एक नए युग का सूत्रपात करने की महत्वपूर्ण पहलों के सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे हैं।


हाल में ही इस महामारी से बेहतर मुकाबला करने हेतु प्रधानमंत्री द्वारा प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा एक महत्वपूर्ण पहल है। यह आर्थिक पैकेज समूचे शैक्षिक जगत के भीतर एक नए उत्साह का संचार करेगा। यह पैकेज जहाँ हमारे विद्यार्थी को प्रोद्योगिकी युक्त, गुणवत्तापरक शिक्षा सुनिश्चित करेगा वहीं यह मजदूर, श्रमिक और किसान के कल्याण हेतु है जो कठिन से कठिन परिस्थिति में, हर हाल में देशवासियों के लिए दिन-रात समर्पित भाव से कड़ा परिश्रम करते है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार का सदैव यह प्रयास रहा है कि समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जाए।


शिक्षा के पहुँच बढ़ाते हुए हम हर समाज के हर वर्ग, हर क्षेत्र में गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने हेतु कटिबद्ध हैं। पिछले छह वर्षों में पहुंच बढ़ाने के लिए तेजी से प्रगतिहुई, लेकिन महामारी के संकट को अवसरों में बदलने वाला निर्णायक समय अब आ गया है। आज हम अभिनव पाठ्यक्रम और शिक्षाविदों को उसके लिए तैयार करने के साथ, अंतर क्षेत्रों पर ऊर्जा को केंद्रित करतेहुए, हर चरण में अधिक समावेशी और एकीकृत प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विशेष ध्यान देने में सफल हुए है। मानव पूंजी पर विशेष केंद्रित कर निवेश के एक नए युग की शुरूआत करने के लिए की जा रही पहल से शिक्षा जगत से जुड़े सभी हितधारकों में नयी ऊर्जा का संचार हुआ है।


हम न्याय संगत और समान भाव के साथ सभी के लिए सीखने को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि सभी विद्यार्थियों को शिक्षा के सभी स्तरों पर और सभी भौगोलिक स्थानों में, यहां तक कि देश के दूरस्थ, सीमावर्ती, विषम भौगोलिक परिस्थितयों वाले भागों को भी शैक्षिक संसाधनों से आच्छादित किया जा सके। हमारे बच्चे जहाँ है वहीँ अपनी बोर्ड परीक्षा दे सकते हैं।


मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में वित्तमंत्री द्वारा देश में प्रौद्योगिकी युक्त, गुणवत्तापरक और नवचार युक्त शिक्षा को बढ़ावा देने के क्रम में वित्तमंत्री द्वारा जो महत्वपूर्ण घोषणायें की गयी उसका सर्वत्र स्वागत हुआ है ई-विद्या नामक एक व्यापक पहल शुरू होने से डिजिटल/ ऑनलाइन / ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एकीकृत किया जा सकेगा।