योग अवसर के अनुरूप नहीं आदत के अनुरूप करें


योग का उद्भव भारत से ही माना जाता है। योग भारत के पास प्रकृति की एक अमूल्‍य वस्‍तु है। योग न केवल आपके शरीर को रोगों से दूर रखता है बल्कि आपके मन को भी शांत रखने का काम करता है। यह मानव व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए एक वैज्ञानिक तकनीक है। योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक विकास का विज्ञान है। इसलिए इसे भारत का सबसे प्राचीन विज्ञान भी कहा जा सकता है। विज्ञान और योग में यदि देखा जाए तो कोई विशेष अंतर नहीं है। विज्ञान बाहर की ओर कार्यरत है, जबकि योग अंदर की ओर। अर्थात विज्ञान भौतिक जगत की और बढ़ता है, जबकि योग मनुष्य को प्रकृति से जोड़ता है। नियमित योग करने से रक्तचाप और मधुमेह जैसी बिमारियों को सहजता से नियंत्रित किया जा सकता है। न केवल आयुर्वेद अपितु आधुनिक शोध भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि नियमित योग अभ्यास ही स्वस्थ जीवन शैली एवं सुदृढ़ प्रतिरक्षा प्रणाली की कुंजी है।


भारतीय संस्कृति लोक-कल्याण की रही है तथा इसमें सार्वभौमिकता एवं सर्वांगीणता पर विशेष बल दिया गया है। लोक-कल्याण के निहितार्थ स्‍वामी विवेकानंद जी ने अपने शिकागो सम्‍मेलन के भाषण में योग का संदेश संपूर्ण विश्‍व को दिया था। विवेकानंद जी के विचारों को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक साथ योग करने की बात कही थी। इसके बाद महासभा ने 11 दिसंबर 2014 को इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और तभी से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अस्तित्व में आया। 21 जून 2015 को पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। मानव के उत्कर्ष का जो माध्यम भारतीय मनस्वियों ने विश्व को सौंपा, उससे आधुनिक विश्व के सुरभित होने की शुरुआत हो चुकी है।


अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का उद्देश्य विभिन्न जाति, भाषा, धर्म एवं पृष्ठभूमि के लोगों के बीच भेदभाव को खत्म कर उन्हें एक मंच पर लाकर विश्व शांति कायम करना है। साथ ही योग की तरफ युवा पीढ़ी का ध्यान आकर्षित कर उन्हें प्रकृति से जोड़ना है। हर वर्ष की तरह इस साल भी योग दिवस को एक थीम दी गई है। इस वर्ष कोविड 19 के चलते लोगों को ऐसी थीम दी गई है, जो सेहत और स्वस्थ्य को बढ़ावा देगी साथ ही कोरोना वाइरस के खिलाफ लोगों के अंदर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए योग और प्राणायाम को हथियार बनाया जाएगा। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2020 की थीम है "घर में रहते हुए अपने परिवार के साथ योग करना"।


कोरोना महामारी के चलते देशव्यापी लॉकडाउन में कई लोगों ने अपने विचार मुझसे साझा किए। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में घर में रहने की मजबूरियों ने हम लोगों को सेहतमंद बना दिया है। लॉकडाउन के अंतराल ऑनलाइन वीडियो देखकर हमने योगासनों का अभ्यास किया और अब अधिकांश योगासनों को आसानी से कर रहें है। उन लोगों ने कहा कि शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान रखने हेतु योग सबसे आसान तरीका है।


मेरा सभी देशवासियों से निवेदन है कि 21 जून को सोशल मीडिया के माध्यम से सुबह सात बजे अपने परिवार के साथ योग दिवस में शामिल होकर शरीर, मन, तथा आत्मा की सहभागिता के साक्षी बनें। संगीत, ध्यान और योग से परिपूर्ण, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के वर्चुअल उत्सव में भाग लें। अपने जीवन में योग विज्ञान को अपनायें एवं स्वस्थ्य रहे।


21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सभी भारतवासी मिलकर संकल्प लें- आदत में योग, हर घर निरोग ।



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